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Showing posts from September, 2019

ज़मीन और आसमान:

~ वो दूर ज़मीन के किनारे आसमान से मिल रहे हैं जैसे इस ज़मीन को आसमान ने अपने आगोश में ले-लिया हो। कभी तो ऐसा लगता है जैसे ज़मीन और आसमान के बीच कभी न ख़त्म होने वाला एक फासला है और कभी ऐसा लगता है जैसे ये ज़मीन और आसमान एक दूसरे के लिए बनाये गए हैं, जैसे इनका जन्म-जन्म का साथ है, जैसे ये ज़मीन एक दुल्हन है और आसमान इसका हमसाया। जो भी इस मिलन को देखने के लिए आगे बढ़ता है उसकी नज़रों से यह नज़ारा दूर होता जाता है, ज़मीन करीब होती जाती है और आसमान ऊपर उठता जाता है। कभी तो ऐसा लगता है जैसे ये महज़ आँखों का एक धोका है और कभी ये लगता है के आसमान शर्मा के अलग  हो जाता है। समझ नहीं आता ये मिलन है या मिलन से पहले की जुदाई, जैसे ये मिलन शाम के ढल जाने का इंतज़ार कर रहा है, जैसे रात की तारीकी में ये फिर मिलेंगे-सबसे छुप कर बातें करेंगे। क्या इसी ख़ुशी में ये ज़मीन घूम रही है- क्या इसिलए ये आसमान झूम रहा है। आसमान अपनी दुल्हन के लिए क्या-क्या सौगात लाया है-कभी सूरज से इसको रोशन करता है तो कभी चाँद से इसका दिल बहलाता है-इसके दामन में मुस्कुराते हुए सितारे हैं-कभी इसके पास परिओ का मेला सा लगता है तो कभ...

बरसात:

बरसात का मौसम है सभी देवता सो रहे हैं, कोई पुजारी आए और किसी देवता को जगाए और पूछे ये क्या हो रहा- कहीं तो लोग प्यास से तड़प रहे हैं तो कहीं सैलाब हैं, कहीं पानी की कमी से लोग मर रहे हैं तो कहीं पानी में डूब कर मर रहे हैं। कहीं खुश्क झीलें हैं तो कहीं दरया अपने किनारों को तोड़कर आगे ही बढ़ते जा रहे हैं। एक तरफ सूखे की वजह से परिंदो ने अपना ठिकाना बदला है तो दूसरी तरफ किसी तूफ़ान ने इनको बेघर कर कर दिया है। कहीं बरसात आने से पहले ही ख़त्म हो गयी है तो कहीं ऐसी आयी है के ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही। कहीं का हर मौसम बरसात है तो कहीं बरसात का कोई मौसम ही नहीं। किसी को बरसात के थमने का इन्तेज़ार है तो कोई इसके शुरू होने की दुआ कर रहा है। कोई पहली बारिश में भीगना चाहता है तो कोई इससे बचने के लिए इंतज़ाम कर रहा है। वैसे तो बरसात खुशियां लेकर ही आती है लेकिन दुनिया के दस्तूर ने इसे भी कुछ लोगो के लिए परेशानी का सबब बना दिया है, ये किसी के लिए जीवनदान है तो किसी के लिए तबाही लेकर आती है। ये बरसात का मौसम कितनी कहानिओं की याद दिलाता है और न जाने कितनी नई कहानियां पैदा करता है। किसी लिखने वाल...